ग्रह शांति हेतु उपाय – kisi bhi grah ko shant krne ke sbse saral upay

हम आपको ग्रह शांति के सरल उपाय के बारे में बताएंगे जब भी कोई व्यक्ति किसी ज्योतिष के पास जाता है तथा वह अपने सभी प्रश्नों को कभी भी ध्यान में नहीं रखता है

 बस एक ही सवाल हमेशा पूछता है अपने घर के बारे में कि मेरे घर में शांति कैसे हो यह सवाल अक्सर दुनिया के बहुत लोगों में होता है तथा घर में शांति का सबसे बड़ा विवाद होता है
 और उनके भाग्य में उलझन जायदाद कितनी होगी तथा पुत्र पुत्री कौन सा विषय पढ़े जिसमें सफल हो जाए पढ़ने के पश्चात उसका बच्चा अपने जीवन में क्या व्यवसाय अपनाने तथा क्या उनका बच्चा इंजीनियर डॉक्टर वकील बन सकता है
 तथा इन सब प्रश्नों के बाद दूसरा आने वाला प्रश्न व्यक्ति का होता है कि कौन सा रतन धारण करें हर कुंडली एक हर इंसान के लिए अलग रतन कैसे ठीक होते हैं इस प्रकार के को सवालों का आदमी ध्यान रखता है कुछ लोग ज्योतिष को मानते हैं तथा कुछ लोग ज्योतिषी को नहीं मानते हैं
जन्म पत्रिका के अनुसार कुछ के ऊपर अशुभ ग्रह की दशा चलती रहती है जिनमें कुछ दान पुण्य पूजा पाठ कर दिया जाता है तथा अशुभ ग्रहों को सही कर लिया जाता है
 तथा कुछ लोगों पर ऐसे ही चलते रहते हैं वह उनको बहुत मुश्किल हो जाता है कुछ को राहत मिल जाती है यह सब करने से और कईयों को राहत बहुत कम मिलती है औ बहुत बार किए गए उपाय भी तो कई लोग ज्योतिषी कार्निस कर्म पर चलते हैं फिर भी परेशान रहते हैं
 और कई लोग ज्योतिषी को नहीं मानते हैं लेकिन फिर भी सुखी देखे गए हैं तो ज्योतिष से वैदिक काल में चलती आ रही है और अलग-अलग जगह पर ज्योतिषी  लाभ उठाया जाता है लेकिन कई जगह लोग भ्रम में पढ़ना परेशान नहीं करते इसलिए इन प्रश्नों को उठते हैं
                               ईश्वर अंश जीव अविनाशी सहज अमल चेतन सुख राशि
 
जब भी आप भगवान को अपना अंश और श्रद्धा पूर्वक अर्पण करते हैं तो कल्याण क्यों नहीं होगा जब जीवन में ही तो सोचते हैं तो तो सबको सोचते हैं और अपने हरदिया से सभी के भाव जागते हैं इस प्रकार से तुलसीदास जी भी यही सब मानते थ
 
 
 
हमारे ज्योतिष में उपायों के विषय में जो सुझाव दिए गए हैं
उन पर गंभीरता से विचार करें और एक बात स्पष्ट हो जाती है कि ग्रंथ कानून में पढ़ते को पाए द्वारा ईश्वर को ही आराधना की है
 जब हमारी भिन्न-भिन्न ग्रहों को वस्तुओं का दान में पूजा पाठ कर रहा तक होता है तो हम भी भगवान की पूजा करते हैं भगवान को मनाते हैं तथा भगवान से प्रार्थना करते हैं
 कि आपके जीवन में आए परेशानियों को दूर किया जाए ऐसा कुछ भी नहीं है कि ज्योतिषी एक अंधविश्वास है ज्योतिष से एक अध्यात्मिकता की पढ़ाई है जो ईश्वर की आराधना करते हैं

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