शिरडी के सपनो की अनोखी कहानी – साई बाबा

 सिरडी जाना चाहते हो।  और यह गुमने के लिए आपको साई बाबा की आराधना  में लीन  होना पड़ेगा। 

अगर आप सोच रहे होंगे की हम साई बाबा के दरसन करले और उनके भाव में बह नहीं सकते तो ये कहना गलत होगा। 

चलो आइये कुछ अनोखी कहानिया सुरु करते है। 


सिरडी का जन्म  कहाँ  हुआ?

श्री साई साई साई सिरडी वाले साई वैसे तो दुनिया के हर एक जगह में रहते है।  हर एक के मन में सपनो में घर में रहते है।   पर  ये महाराष्ट्र  के नासिक के पास साई एक शहर  में रहते है। 
 साई की यही एक छोटी सी  रहने की जगह है। यह स्थल साई  के जन्म  से पूरी दुनिया में इसकी पहचान है। चलो इसके बारे में पूरा पड़ते है।  यहाँ  पर कुछ साई बाबा के मंदिर से अलग भी बहुत सरे ऐतिहासिक स्थल है जो यहाँ ोे आने वालो लोगो को घुमना  चाहिए। 

अन्य स्थल बहुत ही महत्वपूर्ण 

चावड़ी ,समाधि मंदिर ,वेट एंड जॉय वाटर पार्क ,शनि  सिंगनापुर  का मंदिर ,द्वारकामाई सिरडी ,गुरु स्थल सिरडी ,कड़ोबा  मंदिर ,आदि 


साई बाबा का इतिहास 

वैसे लोगो का कहना है की साई बाबा बहुत टाइम पहले  1838   के आस पास ये   आन्द्र  प्रदेश  में जनम हुआ लोगो के कहने से तो पता नहीं कब हुआ है।  कुछ लोग कहते है की ये मुस्लिम  थे।  पर हम आपको ये  तो नहीं कहेगे की ये हिन्दू या मुस्लिम थे पर इतना जरुरी कहेगे ये दोनों धर्म को मानते है मने जाते है और  इसलिए इनके बारे में  कुछ  ऐसा कहना गलत है।  
 की साई बाबा किस जाती के  होंगे या किस धर्म के होंगे।  उनोने दोनों धर्मो को मन है। इसलिए  उन्होने  
 सबका मालिक एक  ये  कह क्र पूरी दुनिया में जो आज जाती धर्म को लेके विवाद है वो नहीं होते है।  

साई बाबा का  मंदिर 

साई  बाबा का ये मंदिर महाराष्ट्र के एक सिरडी  शहर  जोकि नासिक  के पास में स्थित  है। यह मंदिर  को समर्पित है।  यह साई बाबा  का  ये मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध  है।  साई बाबा लोगो के दुको का निवारण करते है।  और लोगो के जीवन में उनको एक जीवन में आई सभी परेशानी से  लड़ने और उनका सामना करने के लिए ही  विस्वाश दिलाते  है।   
 साई बाबा  का ये मंदिर  यह 200 वर्ग मीटर के  जगह में फैला हुआ है।  यह बहुत ही भरी भीड़ होती है अगर आप मुंबई के आस पास के होतो आपको यह आराम से गुमना  चाहिए। 
मंदिर  में जाने के  बाद  आपको अपने भगवन  की लीला में लीन होना चाहिए।  और यह पे साई बाबा के मंदिर में  एक दिन में  25000  लोग आते  है।  जोकि एक बहुत ही जायदा भीड़ वाला मंदिर है  यह दुनिया भर के लोग दूर दूर  से भगवन साई बाबा के दरसन करने को आते है।  

शनि शिंगनापुर  का मंदिर 

शनि  सिंगनापुर   का यह  मंदिर भगवन सूर्य देवता के पुत्र शनि  देव भगवान  के लिए समर्पित   है।  शनि  देव का  यह  मंदिर  बहुत ही पुराना  है।  यहाँ  पर कोई भी बड़ी वास्तुकला और कोई किसी भी तरह के मसिनो क्क प्रयोग किया गया है। 
यह भगवान  शनि  देव के के एक मानीयता से  यहाँ पर इसलिए जायदा लोग गुमने आते है।  शनि  देव के इस मंदिर में गुमने के लिए जरुरी नहीं की शनिवार  को ही आया जाये।  यहाँ तो आप कबि भी आ सकते हो ककी यह पे गुमना और भगवन की श्रद्धा  में डूबना ही सब  कुछ मन जाता  है।  

द्वारिकामाई  सिरडी 

द्वारिकामाई  सिरडी  एक साई बाबा की आखरी दिनों की यादो का एक छोटा सा अंतिम यादो  का सफर है। साई बाबा के इस अंतिम पड़ाव वाले दिनों में यहाँ पे खुद के अपने कुछ कामो को करके पुरा किया। 
साई बाबा के इस जगह आने पे यह  पहले एक मस्जिद हुआ करती थी।  जोकि बहुत पुराने  टाइम की बात है।  लकिन साई बाबा ने उस मस्जिद को  एक मंदिर में बदल दिया आज यहाँ  एक ये एकलौता जगह है जहा  पे  कोई मस्जिद और  मंदिर का एक सम्बंद है। 
 इसलिए   कहाँ  जाता  है की  साई बाबा को मुस्लिम  और हिन्दू  दोनों  तरह  के लोगो के लोगो को लिए जायदा पूजनीय  है। 

lockdown  में साई बाबा के मंदिर की हालत 

साई बाबा का मंदिर ऐसे माहौल   में  बंद चल रहा है  साई  बाबा का ये मंदिर दूनिया  भर में मसूर  है  इसलिए यह के  लोगो में जायदा  कुछ  इन्फेक्शन  न फैले  तो इसलिए  फ्हिलाल के लिए  बंद करदिया  गया है। 
 महाराष्ट्र   सरकार  ने  corona   की वजह से  बंद  करदिया। 

   सावधानी 

यहाँ  जाने के लिए आपको  बहुत  चीजों का ध्यान   साधना  चाहिए।   और लोगो के बचे  और एक स्थानीय दुरी बने रखे।  बहार  कुछ  नहीं खाना  चाहिए।  अपने आप को सब चीजों  से दूर रहना  चाहिए।   
 आप  एक survival  kits  ले सकते  है। 
  

 अपने  साथ  अपने  लिए  खाने के लिए और   पीने  के  लिए  पानी  लेके  जाये।   किसी भी तरह  का कोई सामान किसी के साथ शेयर  मत करो।   क्योकि  सबसे जायदा  नुकसान  आपको लोगो के  साथ सामान को एक दुसरो के  साथ शेयर करने से   परेशानी हो सकती   है।  
   

             ”सबका मालिक  एक ” 

       
       

धन्यवाद

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