चितकुल, हिमाचल प्रदेश — भारत -तिब्बत सीमा पर अंतिम गॉंव

 



भारतीय- तिब्बत सीमा पर बसा चितकुल, हिमाचल प्रदेश के ज़िले किन्नौर का आकर्षक प्राकृतिक स्थान है। महान हिमालय की गोद में स्तिथ यह छोटा सा गांव प्रकृति का एक अदभूत नमूना है। यह समुद्र तल से 3450 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। जहाँ चारो और ऊँचे पहाड़ है वंही बसपा नदी इन पहाड़ो की चीरती हुई अपनी तेज़ धारा में बह रही है। यह प्रसीद्ध सांगला वेल्ली से कम से कम 1 घंटे या 27 कि. मी. की दुरी पर है। 

यंहा लगभग 700 की जनसंखिया निवास करती है। गर्मी के दिनों में भी आपको थोड़े मोठे कपड़ो की 
जरूरत होती है और रात में तापमान 1 या 2 डिग्री सेल्सियस पहुँच जाता है। सर्दियों में यह स्थान बर्फ 
से ढका होता है, 4 से 5 फुट बर्फ।

यंहा ITBP की पोस्ट को भी देख जा सकता है जो दिन रात हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे है। एक 
बात जानने वाली है सिर्फ भारतीय नागरिक ही इस सीमा पोस्ट तक जा सकते है, विदेशी मूल के नागरिको को यंहा जाने की मनाही है। इस पोस्ट को देख कर अलग ही गौरव की अनुभूति होती है। 



चितकुल वेल्ली मार्ग :

चितकुल वेल्ली तक का मार्ग करच्छम से होता हुआ सांगला वेल्ली से गुजरता है, अत्यंत दार्शनिक और

मनमोहक दृश्य आपके मन और मस्तिष्क में अभूतपूर्व छाप छोड़ देते है।  यंहा पहाड़ो की ऊंचाई लगभग 4000 मीटर से भी अधिक है जो महान हिमालय की श्रँखला में आता है। मार्ग में करच्छम हाइड्रो पावर स्टेशन और रिजर्वायर भी देखा जा सकता है। यह बसपा नदी पर स्तिथ एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट है।

सांगला वेल्ली सेब के बागो के लिए प्रसिद्ध है। यंहा बसपा नदी के तट पर कैमिंग की सुविधा भी उपलब्ध होती है। आप चाहे तो इन कैम्प्स में एक रात रुक कर बोनफायर और सेब के बागो में घुमने का मज़ा भी ले सकते है। बरसात के मौसम में आपको मार्ग में छोटी छोटी जलधराये और झरने देखने को मिलते है। 

 बसपा नदी 

बसपा नदी : 

बसपा नदी इस वेल्ली की जीवनधारा है। यह छोटा सा गांव इसी नदी पर निर्भर है।  पार्किंग लोट से निचे की तरफ जा कर आप बसपा नदी तक पहुँच सकते है।  यहाँ कैम्पिंग की सुविधा भी उपलब्द्ध है। रात में कैम्पस में बोनफायर और अद्भुत आकाश का मज़ा लिया जा सकता है।  

रात के आकाश में यंहा आप आकाश गंगा मिलकीवे को देख सकते है जो अपने आप में किसी आश्चर्य से कम नहीं है।  लाखो करोडो तारो के झुण्ड आकाश में इतने पास नज़र आते है मानो हाथ बढा कर छू लो। नदी का पानी बिलकुल स्वच्छ और चमकदार नज़र आती है।  


IIT दिल्ली के अनुसार चितकुल भारत का सबसे स्वच्छ वायु वाला स्थान है।  


बसपा नदी 28 कि.मी. दूर करचछम में सतलुज नदी से मिल जाती है जो हिमाचल प्रदेश की एक मुख्य नदी है।  

                                                                       माथी देवी मंदिर 

माथी देवी  मंदिर :

गांव के मध्य में माथी देवी का मंदिर है।  यह लकड़ी से बना हुआ एक पहाड़ी शैली का मंदिर है। यह माँ दुर्गा का ही एक स्वरुप मात्र है जिनका वर्णन लोक कथाओ में मिलता है।  हिमाचल प्रदेश का जिला किन्नौर पौराणिक कथाओ के अनुसार राक्षस बाणासुर द्वारा बसाया गया था।  

 जो सतलुज नदी को मानसरोवर तिब्बत से हिमाचल लाया था।  बाणासुर का संहार माँ दुर्गा ने किया जो मान्यता के अनुसार अभी भी यहाँ निवास करती है। यहाँ माँ दुर्गा को कई स्वरुपो में पूजा जाता है।

ट्रेकिंग की सुविधा :

यंहा ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। आप पहाडो पर ट्रैकिंग कर ऊपर टेंट में रह  सकते है और ग्लेसियर देख सकते है।  मार्ग में बहुत से झरने इस अनुभव को और भी सुखद बना देते है। सीढ़ीनुमा छोटे छोटे खेत देखने को मिलते है।  जहाँ लोग फल, सब्जियां और गेंहू उगाते है। 

ऊपर चोटी से आप किन्नर कैलाश को भी देख सकते है जिसके लिए ट्रेकिंग कल्पा, रेकांगपो से हर वर्ष जून और जुलाई में  शुरू होती है।  यह ट्रेकिंग  के लिए एक खूबसूरत और अविस्मरणीय स्थान है।  


अगर आप हिमाचल की यात्रा करते है तो चितकुल के बिना वह यात्रा अधूरी होगी।  

























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