क्या ये प्यार है ? प्यार है तो अलग क्यों हो जाते है ( short script for YouTube )

  कई  दिनों से मेलबर्न के एक शॉपिंग मॉल में एक बुजुर्ग  सुबह से साम तक उसके गेट पर कड़े होते है।  वो वह हर संडे को  आते और इन्तजार करते किसी को कोई बात  नहीं बताते।

ऊनि दिनों देखते देखते उनसे पूछा गया की बाबा जी आप हर संडे को सुबह से साम तक क्यों कड़े होते हो।  वो बोलने लगे की मई यहाँ अपनी पत्नी का इन्तजार करता  हूँ।  हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे २०  साल पहले हम दोनों का  तलाक होगया है। 

मुझे आज बस उसको देखने के लिए आना होता है।  वो मुझसे भी प्यार करती है यानि पर अब वो अपने  पति के साथ आती है। 

बस उसको देखने के लिए   में  आजाता  हूँ।  वो बस आज तक अपनी  पत्नी की एक जलक देखने के लिए पिछले २०  साल से हमेसा आ रहे है। 

 मुझे इतना पूछने और जानने के बाद समाज नहीं आया 

                          क्या ये प्यार है ? अगर प्यार है….  तो तलाक हुआ ही क्यों ?

अगर आपके पास इस चीज का कोई जबा है तो जरुरी बताइयेगा 

यही सवाल बेताल की  कहानी में भी छिपा था ?

कहानी इस तरह है  अनागमंजरी  नाम की एक लड़की की शादी व्यपारी मणि वर्मा के साथ हुई प्यार का एक अजीब त्रिकोण था। लेकिन अनागमंजरी  पुरोहित  के बेटे कमलाकर से प्यार करती थी। 
प्यार के इस त्रिकोण में एक  दूसरे  से प्यार करता है दूसरा किसी तीसरे से प्यार करता है। 
 
   पति अथा प्यार करता था > पत्नी कमलाकर से अथा प्यार करती थी > कमलाकर 


एक दिन  मणि वर्मा व्यपार  के सिलसिले में भर गया तो पत्नी कमलाकर से मिलने के लिए बगीचे में गयी साम को मिलने के लिए बगीचे में गयी मिलने की खुसी में अनागमंजरी  मरगयी   तथा  उधर कमलाकर भी अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए दोढा व्ही  सांसे  रुक गयी।  तभी उसका पति वह से गुजर ही रहा  था। 
अपनी पत्नी को किसी और के साथ प्रेम सम्बंद में सोचके वो भी  व्ही मर गया। 

बेताल ने राजा विक्रमादित्य से सवाल पूछा  था की बताव 3  में से सबसे  अधिक विराग में कोन  डूबा था। 
विराग में सबसे अधिक मणि वर्मा डूबा था क्योकि वो अपनी पत्नी के प्यार में अँधा था वो लोग तो पाने की खुसी में मरे थे।  पाने  में मर जाना बहुत बड़ी बात नहीं है।  पर किसी के विराग में मरणा बहुत बड़ी बात है। 
आपको मेरी कहानी का मरहम मिला होगा आपको सायद ये कहानी अछि लगे आपको अछि लगे तो मुझे जरुरी बताएगा। 



Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *