अटल टनल ,रोहतांग – दुनिया की सबसे लम्बी सुरंग

 

नाली (हिमाचल प्रदेश) को लेह (लद्दाख) से जोड़ने वाली यह सुरंग भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपई द्वारा वर्ष 2002 में अनुमोदित की गई। इसका शिलायांश जून 2010 में श्रीमती सोनिआ गाँधी ने किया। और इसे बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन, बी आर ओ द्वारा बनाया गया है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये सिर्फ न भारत की बल्कि पूरी दुनिया की सबसे लम्बी सड़क सुरंग है। जो समुद्र तल से 10000 फुट की ऊंचाई पर बनाई गई , 9.02 कि मी लम्बी सुरंग है।

इसे बनाने में 10 वर्ष का समय और ₹3200 करोड़ लगा। 3अक्टूबर 2020 को प्रधान मंत्री श्री नरेंदर मोदी ने इसका उद्घाटन किया।

अटल सुरंग का महत्व :

यह पुरे देश के लिए बड़े हर्ष और गौरव का समय है कि हमारी बी आर ओ ने इस सुरंग का निर्माण कर न सिर्फ आम यातायात का बल्कि भारतीय सेना का मार्ग आसान कर दिया।

क्यूंकि अब लदाख में भारत – चीन सीमा तक सेना और आवश्यक हथियार आसानी से पूरे वर्ष आ जा सकते है। जो इस से पहले सिर्फ गर्मियों में ही सम्भव हो सकता था। क्यूंकि सर्दियों में मनाली से लेह का रस्ता भारी बर्फबारी के कारण बंद रहता था जिसका नुकसान हमारी सीमाओं पर स्थित सेना को झेलना पड़ता था।

अब चीन को भारत की असली ताकत समझाने में भारत को तनिक भी देरी नहीं होगी।

टूरिज्म के लिए भी यह एक बहुत बड़ा उपहार है। अब लदाख और लाहौल स्पीति की यात्रा करने वाले टूरिस्म प्रेमियों को जून में रोहतांग पास खुलने और सड़को के बनने के इंतज़ार नै करना पड़ेगा। अब ये सभी सर्दियों में भी यहां घूम सकते है। जिससे लदाख और हिमाचल प्रदेश में टूरिस्म को बढ़ावा मिलेगा।

इस सुरंग के बनने से मनाली से लेह मार्ग में 46 की.मि. की कमी आई है। पहले यह रास्ता काफी कठिन और खतरनाक था। जिससे 7 घंटे का समय बचता है। और अगर आपने कभी पहाड़ी सफर किया है तो आपको पता होगा कि पहाड़ो में यह दूरी काफी अधिक होती है।

अटल टनल में हर 150 मी की दुरी पर टेलीफोन की सुविधा, अग्नि सुरक्षा हर 60 मी की दुरी पर, इमरजेंसी एग्जिट हर 500 मी की दुरी पर और सी सी टी वि कैमरा आदि है ताकि अधिक से अधिक यातायात को संभाला और सुरक्षा दी जा सके।

कहाँ जाये आस पास घूमने :

मनाली

हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। पुरानी मनाली और आस पास के गांव आपको असली पहाड़ी संस्कृति से जोड़ते है। यहां लोग रोहतांग पास तक बर्फ का मज़ा लेने आते है। रोहतांग पास पर पूरा साल बर्फ के खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलती है।

पास में ही मनालसू और चंद्रभागा नदियाँ बहती हुई मन को और भी रोमांचित कर देती है। जिनके किनारे बैठ कर आप घंटो बिता सकते हो।

केलोंग घाटी

केलोंग को मठो का शहर भी कहा जाता है। यह मनाली-लेह राजमार्ग पर स्थित है। मनाली शहर की भीड़ से दूर आप यहां प्रकृति की खूबसूरत तस्वीर मन में संजों लोगे। महान हिमालय की गोद में बसा यह स्थान भगवन का घर भी कहा जाता है। ऊँचे पहाड़ और हरी भरी वादियां आपको वंही रोक लेती है। यहना आप ट्रेकिंग , बाइकिंग आदि का मज़ा ले सकते है।

लाहौल स्पीति

कन्जुम ला लाहौल स्पीति ज़िले का प्रवेश द्वार है। यह दो स्थान प्रकृति में एक दूसरे से बिलकुल भिन्न है। स्पीति में ठन्डे पहाड़ और बँजर मैदान है। जबकि लाहौल में हरियाली है।

अटल टनल के कारण अब आप सर्दियों में भी यहां बर्फ़बारी और बर्फ से ढके पहाड़ो और मैदानों को देख पायेँगे। चंद्र ताल मार्ग में आने वाली एक बेहद खूबसूरत झील है जिसका पानी शीशों की तरह चमकता है।

लेह और कारगिल

लदाख के दो ज़िले लेह और कारगिल बेहत खूबसूरत और लम्बी -दुर्गम यात्रा प्रेमियों के लिए सपने पुरे होने के समान है। जो यहां बाइक और अस यु वि आदि से यात्रा करने का लक्ष्य कई वर्षों से बना रहे होते है। उनके लिए यहां आना किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

अटल टनल ने हिमाचल प्रदेश और लदाख में पर्यटन के नए रास्तो को खोल दिया है। जिन स्थानों को दुर्गम मान कर लोग घूमने नहीं जाते थे अब वो भी यहां का रुख कर रहे है। आप भी एक बार यहां की यात्रा का आनंदअवश्य लें।

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